इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि केवल एक सेवा प्रदाता एजेंसी के माध्यम से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियुक्त करके, राज्य सरकार न्यूनतम वेतनमान प्रदान करने की अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती है। न्यायमूर्ति विवेक चौधरी की खंडपीठ प्रतिवादी संख्या 2-निदेशक, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, लखनऊ द्वारा पारित आदेश को चुनौती
