इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया कि सेवा संबंधी मामलों में जनहित याचिका पोषणीय नहीं है। जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर और जे.जे. मुनीर उस मामले से निपट रहे थे जहां याचिकाकर्ता, विजन इंडिया वेलफेयर ट्रस्ट, एक पंजीकृत धर्मार्थ ट्रस्ट, जैसा कि यह दावा करता है, ने याचिका दायर की है जिसमें मनोविज्ञान विभाग, अलगढ़ मुस्लिम
