हाईकोर्ट ने अधिवक्ता की गिरफ़्तारी के मामले में जांच के आदेश दिए

महाराष्ट्र—- बॉम्बे हाई कोर्ट ने नवी मुंबई की खारघर पुलिस द्वारा बीते माह एक अधिवक्ता को अरेस्ट करने और हथकड़ी पहनाने की घटना के स्वतंत्र जांच का आदेश दिया है।

एडवोकेट विमल झा और स्थानीय वकीलों के संगठन ने कोर्ट में दो याचिकायें दाखिल कर इस तरह की गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। इन याचिकाओं में कहा गया था कि झा को अवैध तरीके से गिरफ्तार किया गया और हाथ मे हथकड़ी पहना मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया गया। 

जस्टिस एसजे कत्थावाला और न्यायमूर्ति एसपी तावड़े की अवक़ाशकालीन पीठ ने आदेश जारी कर ठाणे को प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश आर एम जोशी को घटना की जांच की अगुवाई का जिम्मा सौंपा।

इस आदेश को शुक्रवार को कोर्ट की वेबसाइट पर डाला गया। विमल झा और संगठन लॉयर्स फ़ॉर जस्ट सोसाइटी की याचिकाओं में दावा ठोका गया कि अधिवक्ता की गिरफ्तारी गैरकानूनी थी।

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याचीओं के मुताबिक खारघर पुलिस ने विमल झा को उनके वक मुवक्किल की शिकायत पर किडनैपिंग एंव जबरन वसूली के आरोपों में गिरफ्तार किया था। 

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने विमल झा की गिरफ्तारी में दंड प्रक्रिया संहिता के नियमों और हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया। 

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