हाल ही में, कर्नाटक हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि यह बोझ निदेशक मंडल या कंपनी के मामलों के प्रभारी व्यक्तियों पर होगा कि वे दोषी ठहराए जाने के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। न्यायमूर्ति एम. नागप्रसन्ना की पीठ XX अतिरिक्त एस.सी.जे. और अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एससीसीएच -22), बेंगलुरु द्वारा नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा
