हाल ही में, सर्वोच्च न्यायालय ने दोहराया कि अस्पतालों की ओर से स्वास्थ्य पेशेवरों द्वारा बिना किसी शुल्क के दी जाने वाली सेवाएं उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 2(1)(ओ) के दायरे में नहीं आएंगी क्योंकि चिकित्सा अधिकारी/स्वास्थ्य कार्यकर्ता वेतनभोगी कर्मचारी। न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यम की खंडपीठ ने उस अपील को खारिज कर
