बिहार कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, उज्जवल भविष्य की ललक लिए हुए आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया

बिहार—–बिहार बोर्ड से इंटरमीडिएट की परीक्षा में प्रथम स्थान आने पर और आगे बेहतर भविष्य के लिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने की चाहत रखने वाले मारपीट और बाइक चोरी के दो आरोपियों को बिहारशरीफ जनपद के किशोर न्याय परिषद के प्रधान जज मानवेन्द्र मिश्र ने आरोपों से बरी करते हुए रिहा कर दिया। आपको बता दें कि प्रधान न्यायाधीश मानवेन्द्र मिश्र इससे पूर्व में भी कई अहम निर्णय दे चुके हैं। 

किशोरों को गलती का अहसास दोबार नही होगी चूक—- बरी किये गए किशोरों में से एक पर मारपीट तो दूसरे पर बाइक चोरी का आरोप था। दोनों को अपना भविष्य चौपट होते देख इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम जानने के बाद दोनों इंटरमीडिएट की मार्कशीट लेकर किशोर न्याय परिषद पहुँचे और जज के समक्ष कहा कि वह आगे की इंजीनियरिंग की पढ़ाई दूसरे राज्य में करना चाहते हैं। केस दर्ज रहने के कारण भविष्य में काफी दिक्कतें होंगी। किशोरों ने तर्क दिया कि आज से दो साल पूर्व उनकी आयु 15 के करीब रही होगी। जिससे अज्ञानता और भूलवश घटना घटित हो गई। इसके अलावा उनके विरुद्ध कहीं भी कोई मामला दर्ज नही है। 

दूसरा आरोपी जिस पर बाइक चोरी का इल्जाम था उसने कोर्ट को बताया कि साल 2019 को वह अपने दोस्त के साथ बाइक में पीछे बैठ गया। वाहन चेकिंग के दौरान पता चला कि यह बाइक चोरी की है। दोस्त के साथ होने के कारण बाइक चोरी का आरोप उसके मत्थे मढ़ दिया था। कोर्ट ने दोनों की काबलियत देखते हुए आरोपों से दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया।

Download Law Trend App

Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles