इलाहाबाद, शुक्रवार: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी उचित प्राधिकरण नहीं हैं और पूर्व-गर्भाधान एवं पूर्व-जन्म नैदानिक तकनीकों (लिंग चयन के निषेध) अधिनियम के प्रावधानों के किसी भी उल्लंघन के लिए शिकायत दर्ज नहीं कर सकते। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने इस मामले में आवेदन पर विचार किया, जिसमें
