इलाहाबाद हाईकोर्ट से निजी बीएड बीटीसी कालेजों को बड़ी राहत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने हालिया निर्णय में कहा है कि समाज कल्याण विभाग को निजी बीएड बीटीसी कालेजों के उन मापदण्डों की जॉच करने का अधिकार नहीं है, जिसे एनसीटीई पहले ही जॉच कर मान्यता दे चुका है।

क्या है मामला

हॉल ही में उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण तथा वित्त विभाग द्वारा यह निर्णय लिया गया था कि पूरे प्रदेश के निजी बीएड बीटीसी कालेजों की जॉच करायी जायें।

इस जॉच में महाविद्यालय के शिक्षकों की संख्या, कक्षों की संख्या, मान्यता, भूमि आदि पर जॉच करने के निर्दश शासनादेश 08.10.2020 के माध्यम से दिये गये थे।

उक्त शासनादेश को निजी बीएड बीटीसी कालेजों की एसोसिएशन ने माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।

निजी बीएड बीटीसी कालेजों का तर्क था कि जिना मापदण्डों को देखते हुए एनसीटीई पहले मान्यता दे चुका है उसपर जॉच करने का अधिकार सरकार को नहीं है।

सरकार ने मानी गलती

हाईकोर्ट के निर्देश परसरकार द्वारा अपना जवाब दाखिल किया गया, जिसमें यह माना गया कि सरकार द्वारा SC/ST केछात्रों की संख्या से संबंधित ही जॉच की जायेगी और वह बिन्दु जो एनसीटीई के अन्तर्गत आते है उन पर कोई जॉच नहीं की जायेगी।

उक्त के आलोक मे हाईकोर्ट ने 08.10.2020 के शासनादेश को इस इस हद तक निरस्त कर दिया कि शासन केवल SC/ST के छात्रों की संख्या से संबंधित ही जॉच करेगी।

अतः हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब निजी बीएड बीटीसी कालेजों में भवन, शिक्षकों की संख्या, कक्षों की संख्या, मान्यता, भूमि आदि से संबंधित कोई जॉच नहीं हो सकती।

Read Also

Download Law Trend App

Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles