संबल हिंसा मामले में पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई 9 फरवरी तक टाली

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को 2024 के संभल हिंसा मामले में पूर्व सर्किल ऑफिसर (सीओ) अनुज चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई 9 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी।

मामला न्यायमूर्ति समित गोपाल के समक्ष पेश हुआ, जहां उत्तर प्रदेश के अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने अवगत कराया कि राज्य सरकार ने भी उसी आदेश के खिलाफ एक अलग याचिका दाखिल की है। इस पर न्यायालय ने दोनों याचिकाओं को एक साथ जोड़कर सुनवाई करने का निर्देश दिया।

इसके साथ ही न्यायालय ने शिकायतकर्ता यामीन के अधिवक्ता को, उनके अनुरोध पर, केस की तैयारी के लिए समय भी दिया।

READ ALSO  Failure to Report Seizure of a Bank Account to the Magistrate Does not Make Seizure Illegal, Rules Allahabad HC

यह विवाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर द्वारा 9 जनवरी 2026 को पारित उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें यामीन नामक व्यक्ति की अर्जी पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।

शिकायतकर्ता यामीन, जो नखासा क्षेत्र के खग्गू सराय मुहल्ले के निवासी हैं, ने आरोप लगाया है कि उनका 24 वर्षीय बेटा आलम 24 नवंबर 2024 को पापड़ बेचने के लिए घर से निकला था, लेकिन शाही जामा मस्जिद क्षेत्र के पास पुलिसकर्मियों द्वारा गोली मार दी गई।

READ ALSO  घोषित अपराधी पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से याचिका दायर करके समझौते के आधार पर एफआईआर को रद्द करने की मांग नहीं कर सकता, जब तक कि विशेष परिस्थितियां न हों: हाईकोर्ट

इस आदेश को अनुज चौधरी और राज्य सरकार दोनों ने कानूनी रूप से चुनौती दी है। हाईकोर्ट अब इन दोनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करेगा। Hearing अब 9 फरवरी को होगी।

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles