वकीलों के ड्रेस कोड पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बार काउन्सिल और केंद्र सरकार से जवाब तलब किया

इलाहाबाद हाई कोर्ट में वकीलों के वर्तमान ड्रेस को जनहित याचिका दायर कर चुनौती दी गई है। उक्त याचिका पर कोर्ट ने बार कॉउन्सिल ऑफ इंडिया को नोटिस जारी करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट प्रशासन और केंद्र सरकार समेत सभी प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है और मामले की सुनवाई को 18 अगस्त तक टाल दिया है।

उक्त आदेश लखनऊ पीठ में जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस अजय कुमार श्रीवास्तव प्रथम की खंडपीठ ने वकील अशोक पांडेय की याचिका पर पारित किया। याची के मुताबिक उन्होंने अपनी याचिका में बार कॉउन्सिल के उस नियम को चुनौती दी है जिसमे वकीलों को कोर्ट रूम में काला कोट,गाउन व बैंड धारण करने का प्रावधान किया गया है।

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याची ने कहा है कि अधिवकताओं के लिए ड्रेस तय करने का अधिकार बार कॉउन्सिल ऑफ इंडिया को देखते हुए यह प्रावधान किया गया था। वकीलों के लिए ड्रेस निर्धारण करते वक्त क्लाइमेटिक कंडीशन का ध्यान रखा जाए।

लेकिन बार कॉउन्सिल ने पूरे देश के लिए और 12 माह के लिए एक ही ड्रेस कोड का निर्धारण कर दिया। याचिकाकर्ता का कहना है कि भारत मे जहां तमाम क्षेत्रो में 9 माह और कुछ क्षेत्रों में 12 महीने गर्मी का मौसम होता है,वहां काला कोट और गाउन पूरे वर्ष भर के लिए तय करना एडवोकेट एक्ट के संबंधित प्रावधान और भारतीय संविधान के आर्टिकल 14 व 21 का उल्लंघन है।

Case Details: P.I.L. CIVIL No. – 14907 of 2021

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