हाल ही में, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला मातृत्व के दौरान भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रतिष्ठा की हकदार है और गर्भवती कैदी को अंतरिम जमानत दी गई है। न्यायमूर्ति अनूप कुमार मेंदीरत्ता की पीठ आईपीसी की धारा 363/367/368/326/307/506/34/120बी के तहत प्राथमिकी में छह महीने की अवधि के लिए
