आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने एक रेलवे अधिकारी से जुड़े कथित ब्लैकमेल मामले की विवादित सामग्री बार-बार ऑनलाइन अपलोड करने पर ओड़िया न्यूज चैनल News 8 Odia को रोक लगा दी है। कोर्ट ने चैनल को दोबारा अपलोड किए गए वीडियो के लिंक हटाने और अपने नियंत्रण वाले किसी भी अकाउंट या चैनल से वही सामग्री फिर प्रकाशित नहीं करने का निर्देश दिया है।
जस्टिस सुनीता गंधम ने यह आदेश ईस्ट कोस्ट रेलवे के वाल्टेयर डिवीजन के डिवीजनल रेलवे मैनेजर (DRM) अनुप कुमार सतपथी की याचिका पर दिया।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने विवादित सामग्री की सत्यता, शिकायत में लगाए गए आरोपों या किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी पर कोई राय व्यक्त नहीं की है।
रेलवे अधिकारी ने लगाया था छवि खराब करने और ब्लैकमेल का आरोप
याचिकाकर्ता अनुप कुमार सतपथी विशाखापत्तनम में ईस्ट कोस्ट रेलवे के वाल्टेयर डिवीजन के DRM हैं।
उनके अनुसार, वे 12 से 14 अक्टूबर 2022 तक अवकाश पर थे। ड्यूटी पर लौटने के बाद उन्हें पता चला कि News 8 Odia उनके फोटो और व्यक्तिगत जानकारी प्रसारित कर रहा है तथा उन्हें एक अज्ञात ब्लैकमेलर से जोड़ रहा है।
याचिका में आरोप लगाया गया कि चैनल ने उनके ड्यूटी से फरार होने का झूठा दावा किया। साथ ही उनके नाम से कथित रूप से छेड़छाड़ किए गए ऑडियो और बदली हुई तस्वीरें प्रसारित की गईं।
रेलवे अधिकारी ने चैनल पर उनसे पैसे वसूलने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।
उनका कहना था कि ये वीडियो YouTube, Facebook और WhatsApp समूहों के जरिए फैलाए गए।
पुलिस के नोटिस के बावजूद वीडियो प्रसारित होने की शिकायत
रेलवे अधिकारी की शिकायत पर विशाखापत्तनम सिटी के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में वर्ष 2022 की एफआईआर संख्या 507 दर्ज की गई।
मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 469, 499 और 500 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 72 के तहत दर्ज हुआ।
26 अक्टूबर 2022 को पुलिस ने YouTube और Meta को नोटिस जारी कर वीडियो प्रसारित करने वालों की जानकारी उपलब्ध कराने और सामग्री हटाने के लिए कहा था।
हालांकि, याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में दावा किया कि इन नोटिसों के बावजूद विवादित सामग्री ऑनलाइन प्रसारित होती रही।
YouTube ने कहा, हटाए जाने के बाद भी बार-बार अपलोड किए गए वीडियो
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ए. साई नवीन उपस्थित हुए।
जांच अधिकारी ने लिखित निर्देशों के माध्यम से कोर्ट को बताया कि मामले की जांच अभी जारी है।
राज्य की ओर से सहायक सरकारी अधिवक्ता (गृह) ने कहा कि संबंधित न्यूज चैनल पुलिस के फोन कॉल का जवाब नहीं दे रहा है।
YouTube की ओर से अधिवक्ता अहलूवालिया ने बताया कि विवादित लिंक पहले हटाया जा चुका था, लेकिन चैनल उसी सामग्री को बार-बार अपलोड कर रहा था।
उन्होंने सुझाव दिया कि चैनल को दोबारा अपलोड किए गए लिंक हटाने का निर्देश देकर याचिका का निपटारा किया जा सकता है।
हाईकोर्ट ने दोबारा अपलोड किए गए लिंक हटाने का निर्देश दिया
हाईकोर्ट ने लंबित जांच को ध्यान में रखते हुए विवादित सामग्री का प्रसार रोकने के लिए निर्देश जारी किए।
कोर्ट ने कहा:
“विवादित सामग्री की सत्यता या असत्यता, शिकायत में लगाए गए आरोपों अथवा किसी व्यक्ति की दोषिता के संबंध में कोई राय व्यक्त नहीं की जा रही है।”
जस्टिस गंधम ने News 8 Odia को निर्देश दिया कि वह अपने नियंत्रण में मौजूद दोबारा अपलोड किए गए विवादित लिंक हटाए।
चैनल को अपने नियंत्रण वाले किसी भी अकाउंट या चैनल के जरिए वही सामग्री दोबारा अपलोड करने या किसी अन्य माध्यम से अपलोड करवाने से भी रोका गया।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया:
“यह निर्देश केवल इस रिट याचिका की विषयवस्तु बनी विवादित सामग्री तक सीमित है और इसे आरोपों के गुण-दोष पर किसी निष्कर्ष के रूप में नहीं समझा जाएगा।”
न्यूज चैनल को पुलिस जांच में सहयोग करने का आदेश
कोर्ट ने जांच अधिकारी को मामले की जांच जारी रखने और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को पहले भेजे गए अनुरोधों पर आगे कार्रवाई करने की स्वतंत्रता दी।
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया:
“प्रतिवादी संख्या 7 जांच में सहयोग करेगा और जांच अधिकारी द्वारा जारी वैध नोटिसों का जवाब देगा।”
इन निर्देशों के साथ हाईकोर्ट ने रिट याचिका का निपटारा कर दिया। कोर्ट ने मुकदमे के खर्च के संबंध में कोई आदेश नहीं दिया।
साथ ही स्पष्ट किया कि यदि कोई शिकायत शेष रहती है, तो संबंधित पक्ष कानून के अनुसार उपलब्ध उपाय अपना सकते हैं।
केस डिटेल्स
केस टाइटल: Anup Kumar Satpathy v. Union of India and Others
केस नंबर: Writ Petition No. 37689 of 2022
पीठ: जस्टिस सुनीता गंधम
आदेश की तारीख: 30 अक्टूबर 2026
