इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो साल से अधिक समय से लापता 42 वर्षीय महिला का पता लगाने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सभी जरूरी प्रयास करने का निर्देश दिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस की कोशिशों के बावजूद महिला अब तक नहीं मिल सकी है।
जस्टिस संदीप जैन ने महिला के पति की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने CBI से कहा है कि वह सुदामा देवी का पता लगाए और उन्हें 1 दिसंबर 2026 को अदालत के समक्ष पेश करे।
हाईकोर्ट ने राज्य के अधिकारियों और संबंधित विभागों को भी निर्देश दिया कि वे जांच में CBI को हर जरूरी सहयोग और सहायता दें।
सितंबर 2024 से लापता हैं सुदामा देवी
मामले के अनुसार, सुदामा देवी 8 सितंबर 2024 से लापता हैं। इसके अगले दिन 9 सितंबर 2024 को महाराजगंज जिले के पुरंदरपुर पुलिस स्टेशन में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
मामले की शुरुआती सुनवाई के दौरान महिला को अवैध रूप से हिरासत में रखे जाने का आरोप भी सामने आया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को विस्तृत हलफनामा दाखिल कर महिला के ठिकाने की जानकारी देने को कहा था।
राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि महिला की तलाश के लिए एक विशेष पुलिस टीम लगाई गई थी।
सरकार के अनुसार, सुदामा देवी 42 वर्ष की हैं और उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उनके पास मोबाइल फोन भी नहीं था, जिससे पुलिस के लिए उनका पता लगाना और कठिन हो गया।
पुलिस की कोशिशों के बाद भी नहीं मिला सुराग
29 सितंबर को राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद सुदामा देवी का अब तक पता नहीं चल सका है।
महिला के दो साल से अधिक समय से लापता रहने और पुलिस द्वारा उन्हें तलाश न कर पाने को देखते हुए हाईकोर्ट ने मामले में CBI को जरूरी प्रयास करने का निर्देश दिया।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर 2026 को होगी। कोर्ट ने CBI को उस दिन सुदामा देवी को अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है।

