कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल सरकार को बारूईपुर में 11 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और हत्या मामले के आरोपी की कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत की जांच पर दो सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही अदालत ने पुलिस को घटना से जुड़े सभी दस्तावेज और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।
जस्टिस अरिजीत बनर्जी और जस्टिस रितोब्रतो कुमार मित्रा की खंडपीठ इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
हलफनामा दाखिल करने की समय-सीमा तय
खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह मुठभेड़ की जांच को लेकर दो सप्ताह में अपनी विस्तृत रिपोर्ट हलफनामे के जरिए पेश करे। इसके बाद याचिकाकर्ता को अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। हाईकोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद करेगा।
क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्शन के दौरान हुई थी मुठभेड़
मामले का एक आरोपी प्रभास मंडल 8 जुलाई को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। पुलिस के अनुसार, जांच दल उसे अपराध स्थल पर घटना का नाट्य रूपांतरण (क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्शन) कराने के लिए ले गया था। आरोप है कि वहां प्रभास ने एक पुलिस अधिकारी का सर्विस हथियार छीन लिया, गोली चलाई और भागने की कोशिश की। इसके जवाब में पुलिस की ओर से की गई जवाबी फायरिंग में उसकी मौत हो गई।
बोरे में बंद मिला था बच्ची का शव
यह मामला 4 जुलाई का है, जब 11 वर्षीय बच्ची अपनी सहेली के जन्मदिन का उपहार खरीदने घर से निकली थी और लापता हो गई थी। अगले दिन उसका शव एक तालाब से बोरे में लिपटा हुआ बरामद किया गया था। पुलिस के मुताबिक, बच्ची के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई थी।

