झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को बड़ा झटका देते हुए JSSC-CGL परीक्षा और बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) के पदों पर भर्तियों को रद्द करने संबंधी सरकारी आदेशों के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है। शुक्रवार को आया यह आदेश राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के मामले में अदालत द्वारा दी गई लगातार दूसरी बड़ी राहत है। इससे पहले बुधवार को कोर्ट ने 11वीं और 13वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले पर भी अंतरिम रोक लगाई थी।
अदालत के आदेश की जानकारी
मामले की जानकारी देते हुए याचिकाकर्ता के अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि हाईकोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC-CGL) परीक्षा के जरिए होने वाली भर्तियों और CDPO नियुक्तियों को रद्द करने वाली सरकारी अधिसूचनाओं के असर पर रोक लगा दी है।
विरोध-प्रदर्शन के बीच सरकार ने लिया था फैसला
राज्य में चयन प्रक्रियाओं में कथित धांधली को लेकर 25 दिनों तक चले जन-आंदोलन के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेतृत्व वाली सरकार ने 18 अगस्त को कड़ा रुख अपनाया था। सरकार ने एक साथ 22 प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया था और वर्ष 2014 से अब तक आयोजित 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए थे।

