लद्दाख में खुलेगी हाईकोर्ट की बेंच, केंद्रीय कैबिनेट ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

लद्दाख के लोगों को हाईकोर्ट से जुड़ी न्यायिक सेवाओं के लिए अब जम्मू या श्रीनगर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। केंद्रीय कैबिनेट ने गुरुवार को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

नई बेंच बनने के बाद हाईकोर्ट की तीन जगहों पर बेंच होंगी। अभी इसकी बेंच जम्मू और श्रीनगर में हैं और हाईकोर्ट दोनों केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख के लिए काम करता है।

लद्दाख में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने का उद्देश्य खास तौर पर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए न्यायिक सेवाओं तक पहुंच आसान बनाना है। भौगोलिक दूरी के कारण लद्दाख के लोगों को हाईकोर्ट तक पहुंचने में आने वाली कठिनाइयों को कम करने में भी यह फैसला मदद करेगा।

अमित शाह ने दी कैबिनेट के फैसले की जानकारी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कैबिनेट के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लद्दाख में बेंच बनने से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कानूनी सेवाएं हासिल करने में लगने वाला समय काफी कम होगा।

शाह ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार लद्दाख के विकास और वहां के लोगों के लिए संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

READ ALSO  ससुर की संपत्ति में दामाद का कोई हक नही: केरल हाई कोर्ट

2019 में अलग केंद्र शासित प्रदेश बना था लद्दाख

यह फैसला लद्दाख में जारी प्रशासनिक और संस्थागत विकास के बीच आया है। वर्ष 2019 में तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य के पुनर्गठन के बाद लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था।

लद्दाख में प्रस्तावित बेंच जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का ही हिस्सा होगी। इसके स्थापित होने के बाद लद्दाख के लोगों को अपने केंद्र शासित प्रदेश में ही हाईकोर्ट की सेवाओं तक पहुंच मिल सकेगी।

READ ALSO  सुप्रीम कोर्ट ने एएफटी में न्यायिक सदस्यों के रूप में वकीलों की नियुक्ति की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी
Ad 20- WhatsApp Banner

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles