बिलासपुर (छत्तीसगढ़): बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र में रंगदारी वसूलने और श्मशान घाट पर तंत्र साधना के जरिए दहशत पैदा करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इंस्टाग्राम के जरिए बुलाए गए एक कथित तांत्रिक समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर एक युवक से ₹1 लाख की मांग करने, मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने और बात न मानने पर जान से मारने तथा तांत्रिक विद्या से नुकसान पहुंचाने की धमकी देने का आरोप है।
रंगदारी की साजिश और श्मशान में तांत्रिक साधना
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी ओम बोले का भाई प्रियांशु बोले चाकूबाजी के एक आपराधिक मामले में जेल में बंद है। प्रियांशु की जमानत और अदालती कार्यवाही पर हुए खर्च की भरपाई के लिए ओम बोले ने अपने साथियों—तरुण बजाज और मोहम्मद इसरार—के साथ मिलकर शिकायतकर्ता सूरज साहू को घेरा।
आरोपियों ने सूरज साहू के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए 1 लाख रुपये की मांग की। उन्होंने धमकी दी कि यदि उसने रकम नहीं दी या प्रियांशु के खिलाफ दर्ज मामला वापस नहीं लिया, तो वे उसकी हत्या कर देंगे। इसके साथ ही आरोपियों ने चेतावनी दी कि वे तांत्रिक पूजा-पाठ के माध्यम से उस पर ‘दैवीय प्रकोप’ लाएंगे और उसे गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाएंगे।
पीड़ित पर गहरा मानसिक दबाव बनाने के लिए आरोपियों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। उन्होंने इंस्टाग्राम के जरिए 28 वर्षीय ऋषिकेश कुमार से संपर्क साधा, जो खुद को तांत्रिक बताता था।
आरोपियों ने सीपत क्षेत्र स्थित देवरी श्मशान घाट पर तांत्रिक पूजा का पूरा सेटअप तैयार किया। इस तांत्रिक क्रिया के दौरान छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, जेल में बंद आरोपी प्रियांशु बोले और शिकायतकर्ता सूरज साहू की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया, ताकि पीड़ित में खौफ पैदा किया जा सके।
पुलिस जांच और नागपुर से गिरफ्तारी
शिकायतकर्ता सूरज साहू द्वारा तोरवा थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर थाना प्रभारी (टीआई) रजनीश सिंह ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने रंगदारी की धमकियों और श्मशान घाट में हुई संदिग्ध गतिविधियों की कड़ियों को आपस में जोड़ते हुए आरोपियों की तलाश तेज कर दी।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि तीन आरोपी राज्य से बाहर नागपुर भाग गए हैं, जिन्हें विशेष टीम भेजकर गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, श्मशान घाट में तांत्रिक क्रिया का सेटअप तैयार करने वाले ऋषिकेश कुमार को भी हिरासत में ले लिया गया।
मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- ओम बोले (23 वर्ष), निवासी गुरुद्वारा के पास, दयालबंद, कोतवाली, बिलासपुर।
- तरुण बजाज (27 वर्ष), निवासी चिल्ड्रेंस अस्पताल के पास, तोरवा।
- मोहम्मद इसरार (22 वर्ष), निवासी सफेदखदान, तोरवा।
- ऋषिकेश कुमार (28 वर्ष), निवासी जगमल चौक, तोरवा (कथित तांत्रिक)।
कानूनी कार्रवाई
तोरवा थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 351(3), 354, 308, 3(5) तथा छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है।
10 अगस्त 2026 को सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें न्यायिक रिमांड के लिए अदालत में पेश किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इस तांत्रिक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गतिविधियों के संबंध में आगे की जांच जारी है।

