सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार से उस याचिका पर जवाब तलब किया है, जिसमें स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अस्थियों को जापान से भारत वापस लाने का निर्देश देने की मांग की गई है।
बेटी ने दायर की है याचिका
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। यह याचिका नेताजी की बेटी अनीता बी. फाफ की ओर से दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा। याचिका में मुख्य रूप से यह मांग की गई है कि टोक्यो के रेंकोजी मंदिर में रखी गई नेताजी की अस्थियों को स्वदेश लाया जाए।
1945 से जुड़ा है घटनाक्रम
अगस्त 1945 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के लापता होने के बाद से ही उनके साथ घटी घटना को लेकर कई तरह के दावे और थ्योरी सामने आती रही हैं। कई रिपोर्टों में यह बताया गया है कि उनके अवशेष टोक्यो के रेंकोजी मंदिर में सुरक्षित रखे गए हैं। इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर अब कानूनी रूप से इन अवशेषों को भारत वापस लाने के लिए शीर्ष अदालत का रुख किया गया है।

