सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश के दो अलग-अलग राज्यों के हाईकोर्ट जजों को दूसरे हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की सिफारिश की है। 6 अगस्त 2026 को आयोजित कॉलेजियम की बैठक में यह फैसला लिया गया। शीर्ष अदालत द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, उड़ीसा हाईकोर्ट में कार्यरत दो जजों को गुजरात और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में भेजने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
तबादले की सिफारिशों का पूरा विवरण
कॉलेजियम द्वारा पारित प्रस्ताव के तहत निम्नलिखित जजों के स्थानांतरण की सिफारिश की गई है:
- जस्टिस मानस रंजन पाठक: जिनका मूल (पैरेंट) हाईकोर्ट गौहाटी हाईकोर्ट है और जो वर्तमान में उड़ीसा हाईकोर्ट में जज के रूप में सेवारत हैं, उन्हें गुजरात हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव दिया गया है।
- जस्टिस कृष्ण राम महापात्रा: जो वर्तमान में उड़ीसा हाईकोर्ट में सेवारत हैं, उन्हें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की सिफारिश की गई है।
तबादले की संवैधानिक प्रक्रिया
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 222 के प्रावधानों के अनुसार, राष्ट्रपति देश के चीफ जस्टिस से परामर्श के पश्चात किसी भी हाईकोर्ट के जज को एक हाईकोर्ट से दूसरे हाईकोर्ट में स्थानांतरित कर सकते हैं।
कॉलेजियम की औपचारिक सिफारिश के बाद अब यह प्रस्ताव अगली संवैधानिक प्रक्रिया से गुजरेगा:
- कॉलेजियम के प्रस्ताव को प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया पूरी करने के लिए केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय को भेजा जाएगा।
- कानून मंत्रालय से समीक्षा के बाद यह फाइल अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के पास जाएगी।
- राष्ट्रपति की सहमति के बाद इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी की जाएगी, जिसके बाद दोनों जज अपने नए पदों की जिम्मेदारी संभालेंगे।

