पटना की रियल एस्टेट फर्म पर निंटेंडो नाम का इस्तेमाल करने से दिल्ली हाईकोर्ट की रोक

जापान की दिग्गज गेमिंग कंपनी निंटेंडो को बड़ी राहत देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने पटना स्थित एक रियल एस्टेट कंपनी को ‘निंटेंडो’ नाम के उपयोग से रोक दिया है। जस्टिस ज्योति सिंह ने अपने आदेश में कहा कि ‘निंटेंडो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ नाम जापानी कंपनी के रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क से हूबहू मिलता-जुलता है, जिससे आम जनता और व्यापारिक वर्ग में भ्रम पैदा होने की पूरी आशंका है। अदालत ने भारतीय फर्म को इस आदेश का पालन करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है।

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि ‘निंटेंडो’ एक गढ़ा हुआ शब्द है, जिसे जापानी कंपनी 1889 से अपने ट्रेडमार्क के रूप में इस्तेमाल कर रही है। अदालत ने माना कि ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999 की धारा 29(4) के तहत निंटेंडो कंपनी लिमिटेड ने प्राथमिक आधार पर मजबूत पक्ष रखा है। कोर्ट के अनुसार, सुविधा का संतुलन जापानी कंपनी के पक्ष में है और यदि अंतरिम रोक नहीं लगाई गई तो उसे अपूरणीय क्षति का सामना करना पड़ेगा।

विवाद का कारण और कानूनी कदम

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जापानी डेवलपर निंटेंडो दुनिया भर में सुपर मारियो ब्रोस, पोकेमोन, डॉन्की कांग और निंटेंडो स्विच जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स के लिए जाना जाता है। कंपनी को 2025 में जानकारी मिली थी कि भारत में ‘निंटेंडो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से एक इकाई पंजीकृत की गई है। कारपोरेट जांच में खुलासा हुआ कि बिहार में रजिस्टर्ड यह कंपनी रियल एस्टेट क्षेत्र में काम कर रही थी, इसकी कोई सक्रिय वेबसाइट नहीं थी और न ही इसने ‘निंटेंडो’ नाम से ट्रेडमार्क के लिए आवेदन किया था।

जापानी कंपनी ने 17 फरवरी 2026 को भारतीय फर्म को एक लीगल नोटिस भेजकर इस नाम का इस्तेमाल बंद करने का अनुरोध किया था। कोई जवाब न मिलने पर सुपर मारियो और पोकेमोन की निर्माता कंपनी ने अपने बौद्धिक संपदा अधिकारों के संरक्षण के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया।

अदालत की कार्रवाई और कंपनी का पक्ष

कोर्ट में सुनवाई के दौरान निंटेंडो का पक्ष रख रहे वकील प्रवीण आनंद ने बताया कि भारतीय कंपनी की एक महिला निदेशक ने ईमेल के जरिए जानकारी दी थी कि उनकी फर्म ने कभी भी इस नाम से व्यवसाय संचालित नहीं किया है और न ही भविष्य में ऐसा करने की कोई योजना है। महिला निदेशक अपने खिलाफ स्थाई रोक के आदेश पर भी सहमत थीं। अन्य प्रतिनिधियों के अनुपस्थित रहने पर कोर्ट से एकतरफा अंतरिम राहत देने का अनुरोध किया गया था।

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29 जुलाई को जारी अपने निर्णय में कोर्ट ने माना कि ‘निंटेंडो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ नाम जापानी ब्रांड की प्रतिष्ठा का अनुचित लाभ उठाने का प्रयास हो सकता है। इसके साथ ही अदालत ने अगली सुनवाई तक पटना की फर्म और उससे जुड़े किसी भी व्यक्ति को निंटेंडो नाम या मार्क के इस्तेमाल से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया।

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