बॉम्बे हाईकोर्ट ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के पूर्व जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े को बड़ी राहत देते हुए एजेंसी द्वारा शुरू की गई विभागीय जांच में पूछताछ पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक वानखेड़े की याचिका पर अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक एनसीबी उन्हें पूछताछ के लिए समन जारी नहीं कर सकती।
जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाता की पीठ ने 2008 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी समीर वानखेड़े की याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए यह अंतरिम आदेश जारी किया।
विभागीय जांच और समन का मामला
समीर वानखेड़े ने वर्ष 2024 में हाईकोर्ट का रुख कर एनसीबी द्वारा जारी आठ अलग-अलग नोटिसों को चुनौती दी थी। ये नोटिस नवंबर 2023 से मार्च 2024 के बीच जारी किए गए थे, जिनमें वानखेड़े को एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर जनरल संजय सिंह के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गया था। संजय सिंह दो मामलों में जांच के दौरान हुई कथित गड़बड़ियों की प्रारंभिक जांच का नेतृत्व कर रहे हैं।
एनसीबी ने कोर्ट में कहा कि उसे वानखेड़े के कार्यकाल के दौरान निपटाए गए दो मामलों में गंभीर अनियमितताओं की दो गुमनाम शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद यह आंतरिक जांच शुरू की गई।
इनमें से एक मामला जून 2020 में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद फिल्म उद्योग में नशीले पदार्थों के कथित इस्तेमाल से जुड़ा था। उस जांच के तहत अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शोविक और 33 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
बदले की कार्रवाई का आरोप
दूसरी ओर, वानखेड़े ने अदालत में दायर अपनी याचिका में इस प्रारंभिक जांच को दुर्भावनापूर्ण और बदले की कार्रवाई करार दिया। उनका आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक के इशारे पर की जा रही है। वानखेड़े के अनुसार, नवाब मलिक उनसे व्यक्तिगत रंजिश रखते हैं क्योंकि उन्होंने एक अलग ड्रग्स केस में मलिक के दामाद समीर खान को गिरफ्तार किया था।
अन्य केंद्रीय एजेंसियों की जांच
समीर वानखेड़े 2 अक्टूबर 2021 को कार्डेलिया क्रूज शिप पर मारे गए छापे के मामले से उपजी अन्य केंद्रीय एजेंसियों की जांच का भी सामना कर रहे हैं।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मई 2023 में वानखेड़े के खिलाफ भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी का मामला दर्ज किया था। सीबीआई का आरोप है कि उन्होंने अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को मामले में न फंसाने के बदले 25 करोड़ रुपये की मांग की थी। हालांकि, बाद में एनसीबी ने 14 आरोपियों के खिलाफ दायर अपने आरोप पत्र से आर्यन खान का नाम हटाते हुए उन्हें क्लीन चिट दे दी थी।
इसी सीबीआई केस के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी वानखेड़े के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। वानखेड़े को इन दोनों मामलों में भी बॉम्बे हाईकोर्ट से दंडात्मक कार्रवाई के खिलाफ अंतरिम संरक्षण मिला हुआ है।

