सरकारी कैंटीनों की एफडीए जांच पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, महाराष्ट्र सरकार से मांगी पूरी रिपोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा राज्यभर के सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों की कैंटीनों में की गई जांच का पूरा ब्योरा अदालत में प्रस्तुत करे। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी. घागे और न्यायमूर्ति गौतम ए. अनखड की खंडपीठ ने सरकार को इस संबंध में 31 जुलाई तक विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है।

बिना नोटिस लाइसेंस निलंबन पर उठाए सवाल

अदालत ने यह निर्देश नवी मुंबई के एक पांच सितारा होटल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। होटल ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस निलंबित किए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

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सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने एफडीए की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मौखिक टिप्पणी की कि नियमानुसार पहले सुधार का नोटिस जारी किया जाना चाहिए और यदि उसका पालन न हो, तब लाइसेंस निलंबित करना चाहिए, लेकिन एफडीए ने बिल्कुल उल्टा कदम उठाया।

याचिकाकर्ता और होटल के एचआर प्रमुख संजय निर्भवने की ओर से पेश वकील मयूर खांडेपारकर ने अदालत में तर्क दिया कि एफडीए का राज्यव्यापी अभियान कानून और तय प्रक्रियाओं के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि होटल को अपनी बात रखने या कमियां दूर करने का अवसर नहीं दिया गया, जबकि होटल का डेफिशिएंसी स्कोर स्वीकार्य सीमा के भीतर ही था।

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सरकारी संस्थानों पर भी हुई कार्रवाई: राज्य सरकार

राज्य सरकार की ओर से पेश सरकारी वकील नेहा भिड़े ने केवल निजी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने अदालत को बताया कि नियमों का उल्लंघन करने पर बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी), केईएम अस्पताल और क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (सीसीआई) जैसी प्रमुख संस्थाओं की कैंटीनों पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद कराया गया है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि 31 जुलाई तक सरकार उन सभी सरकारी व अर्ध-सरकारी कैंटीनों की सूची पेश करेगी, जिनकी जांच हो चुकी है या जहां जांच की जानी बाकी है।

राज्यभर में जारी है एफडीए का अभियान

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खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में एफडीए पूरे महाराष्ट्र में खाद्य प्रतिष्ठानों की स्वच्छता और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए अभियान चला रहा है। हालांकि, हाल ही में हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने दूध आपूर्तिकर्ताओं और विक्रेताओं के खिलाफ जारी एफडीए के ऐसे ही निलंबन आदेशों पर रोक लगा दी थी।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को तय करते हुए कहा कि वह इस संबंध में जल्द ही औपचारिक आदेश जारी करेगी।

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