पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 2012 के एक हत्या मामले में तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर नरेश यादव उर्फ सेठी को डिजिटल माध्यम से अदालती कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति दी है। 22 जुलाई के अपने आदेश में अदालत ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया कि जहां भी संभव हो, ट्रायल कोर्ट में सेठी की उपस्थिति वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई जाए। इसके साथ ही अदालत ने राज्य प्रशासन को आदेश दिया है कि वह गैंगस्टर की जानमाल की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करे।
जान का खतरा और सुनवाई में देरी की दलील
सेठी के वकील निखिल घई, भवनिष गर्ग और अक्षिता कंसल ने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि दिल्ली और हरियाणा के आपराधिक गिरोहों के साथ पुरानी रंजिश के कारण उनके मुवक्किल की जान को गंभीर खतरा है। वकीलों का कहना था कि यद्यपि सेठी पहले भी वर्चुअल माध्यम से पेश होता रहा है, लेकिन ट्रायल कोर्ट तिहाड़ जेल से झज्जर समेत अन्य अदालतों में उसकी भौतिक उपस्थिति पर जोर देती रही है। दो राज्यों के बीच आवाजाही से जुड़ी प्रशासनिक और लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण मुकदमे की सुनवाई में बार-बार देरी हो रही थी। रक्षा पक्ष ने 10 मार्च 2012 को दर्ज इस मामले में शीघ्र निपटारे और अपने मुवक्किल की सुरक्षा के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की मांग की। इसमें यह भी रेखांकित किया गया कि मामले में अभियोजन पक्ष के साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और हाईकोर्ट द्वारा 7 अगस्त 2023 को इस केस के एक अन्य सह-आरोपी को भी यही राहत दी गई थी।
सशर्त भौतिक उपस्थिति और सुरक्षा का आदेश
याचिका का निपटारा करते हुए जस्टिस आलोक जैन ने यह स्पष्ट किया कि यदि ट्रायल जज सेठी की व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक समझते हैं या पहचान की प्रक्रिया के लिए उसकी मौजूदगी जरूरी होती है, तो उसे अदालत में सशरीर पेश करना होगा। ऐसे मौकों पर हरियाणा सरकार को यह गारंटी देनी होगी कि गैंगस्टर के जीवन को कोई नुकसान न पहुंचे।
हरियाणा सरकार का रुख और कानूनी शर्तें
राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ उप अधिवक्ता जनरल स्वाति बत्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के प्रस्ताव का विरोध तो नहीं किया, लेकिन अदालत के समक्ष दो मुख्य बिंदु रखे। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता ने उन विशिष्ट व्यक्तियों या गिरोहों के नामों का खुलासा नहीं किया है जिनसे उसे खतरा है। इसके अलावा, राज्य ने यह शर्त रखी कि भविष्य में सेठी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित न होने के आधार पर किसी भी कानूनी लाभ या राहत का दावा नहीं कर सकेगा। हरियाणा और दिल्ली में कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहा सेठी फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है।

