सलमान खान काला हिरण टीजर विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने 24 घंटे में लिंक्स हटाने के दिए निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को राहत देते हुए फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ के उस टीजर को हटाने का निर्देश दिया है, जिसमें 1998 के लंबित काला हिरण शिकार मामले के संदर्भ में उनका कथित चित्रण किया गया था। अदालत ने इंटरनेट पर उपलब्ध संबंधित वीडियो लिंक्स को 24 घंटे के भीतर हटाने का आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि निर्धारित समयावधि में सामग्री न हटाए जाने पर संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को सीधे सामग्री हटाने के निर्देश जारी किए जाएंगे।

अभिनेता की विधिक टीम ‘डीएसके लीगल’ द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस ज्योति सिंह ने टिप्पणी की कि यह सामग्री सार्वजनिक डोमेन में जितनी देर उपलब्ध रहेगी, उससे अभिनेता की साख को लगातार नुकसान पहुंचेगा। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा लंबे परिश्रम और प्रयास से निर्मित होती है, जिसे एक बार खो देने पर पुनः प्राप्त नहीं किया जा सकता।

पर्सनालिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दायर की थी याचिका

READ ALSO  जब संपत्ति के संबंध में एक सिविल विवाद लंबित हो तो सीआरपीसी की धारा 145 के तहत आपराधिक कार्यवाही शुरू करना उचित नहीं है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

यह अंतरिम निर्देश सलमान खान द्वारा दिसंबर 2025 में दायर एक व्यापक दीवानी मुकदमे के अंतर्गत आया है। इस याचिका के माध्यम से उन्होंने अपने व्यक्तित्व अधिकारों (पर्सनालिटी राइट्स) और सार्वजनिक अधिकारों के अनधिकृत व्यावसायिक या व्यक्तिगत दुरुपयोग पर स्थायी रोक लगाने की मांग की थी।

अदालत में प्रस्तुत याचिका में खान ने आरोप लगाया था कि उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, तस्वीरों और फिल्मों के दृश्यों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मॉर्फिंग तकनीक के जरिए बदलकर फर्जी वीडियो, इमेज और ऑडियो क्लिप तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन अवैध गतिविधियों से उनके कॉपीराइट, ट्रेडमार्क और पर्सनालिटी राइट्स का उल्लंघन हो रहा है, जिससे उनके प्रशंसकों और व्यावसायिक सहयोगियों के गुमराह होने का जोखिम उत्पन्न हो गया है। अपने दावों की पुष्टि के लिए याचिका में अधिकारों का उल्लंघन करने वाले विभिन्न मीम्स, जीआईएफ (GIFs) और वीडियो के स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए गए थे।

READ ALSO  कलकत्ता हाईकोर्ट ने केंद्र को पश्चिम बंगाल में मनरेगा लागू करने का निर्देश दिया, बकाया भुगतान पर चार सप्ताह में जवाब मांगा

वर्ष 1998 के शिकार मामले की पृष्ठभूमि

विवाद का मूल संदर्भ वर्ष 1998 का है, जब राजस्थान के जोधपुर में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान सलमान खान और उनके साथी कलाकारों पर लुप्तप्राय काले हिरणों के शिकार का आरोप लगा था। इस मामले में बिश्नोई समाज द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी।

घटना के पश्चात 1998 में सलमान खान को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उन्हें जमानत मिल गई थी। इस मामले में कानूनी प्रक्रिया के दो दशक बाद, वर्ष 2018 में एक ट्रायल कोर्ट ने खान को दोषी ठहराते हुए पांच साल के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्हें सेशन कोर्ट से जमानत प्राप्त हुई थी। वर्ष 2022 में राजस्थान हाईकोर्ट ने मामले से जुड़ी ट्रांसफर याचिका को स्वीकार कर लिया था।

इस मामले में हाईकोर्ट के समक्ष सलमान खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रवि प्रकाश के साथ अधिवक्ता निजामुद्दीन पाशा, सिद्धार्थ कौशिक, अस्तु खंडेलवाल और चारू शर्मा उपस्थित हुए। विधिक टीम में अधिवक्ता पराग खंधार, चंद्रिमा मित्रा, कृष्ण कुमार, तपन राडकर और ज़ारा धनभूरा भी शामिल रहे।

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles