केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से हरी झंडी मिलने के बाद एनिमेटेड फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ की देशभर में रिलीज का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। ओडिशा सरकार ने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर अदालत मंगलवार को सुनवाई करने पर सहमत हो गई है। राज्य सरकार का तर्क है कि फिल्म के रिलीज होने से ओडिशा में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका है।
चीफ जस्टिस की पीठ के समक्ष सोमवार को उठा मामला
ओडिशा सरकार की इस याचिका को सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ के सामने विशेष उल्लेख के तहत रखा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शीर्ष अदालत की इस पीठ ने याचिका स्वीकार करते हुए मंगलवार को इस पर सुनवाई का समय निर्धारित किया है।
पहले 28 जुलाई या उसके बाद रिलीज करने की मिली थी अनुमति
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट की एक अन्य पीठ, जिसमें जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन शामिल थे, ने भगवान जगन्नाथ यात्रा उत्सव के संपन्न होने के बाद 28 जुलाई या उसके बाद फिल्म को पूरे भारत में प्रदर्शित करने की अनुमति प्रदान की थी। यद्यपि फिल्म को सेंसर बोर्ड (CBFC) से आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन अब राज्य सरकार की सुरक्षा और शांति व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं के कारण सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को इस पर पुनः विचार करेगा।

