अवमानना मामला: तेलंगाना हाईकोर्ट ने हाइड्रा कमिश्नर को 27 जुलाई तक माफीनामा दाखिल करने का दिया निर्देश

हैदराबाद के लोथुकुंटा गांव में 40 एकड़ विवादित जमीन से जुड़े अवमानना मामले में तेलंगाना हाईकोर्ट ने हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी (हाइड्रा) के कमिश्नर ए वी रंगनाथ को 27 जुलाई तक माफीनामे के साथ विस्तृत हलफनामा जमा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट एक रियल एस्टेट कंपनी द्वारा दायर तीन अलग-अलग अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें एजेंसी के अधिकारियों पर अदालती आदेशों का उल्लंघन कर निजी जमीन में घुसपैठ करने का आरोप लगाया गया है।

सेना तैनात करने के आदेश पर 27 जुलाई को फैसला

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि 23 जुलाई को विवादित संपत्ति की सुरक्षा के लिए सेना के जवानों को तैनात करने से जुड़ा उसका आदेश फिलहाल स्थगित रहेगा और इस पर अंतिम निर्णय 27 जुलाई को कमिश्नर का हलफनामा आने के बाद ही लिया जाएगा। इससे पहले, याचिकाकर्ता कंपनी की ओर से हाइड्रा अधिकारियों द्वारा लगातार जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत किए जाने पर हाईकोर्ट ने 23 जुलाई को कड़ा रुख अपनाया था। कोर्ट ने निर्देश दिया था कि अगर हाइड्रा कर्मचारी इस संपत्ति पर कदम रखते हैं, तो मौके पर मौजूद सैन्यकर्मी उन्हें वाहनों समेत हिरासत में लेकर अदालत के समक्ष पेश करें।

अदालत की सख्त टिप्पणी और प्राथमिक हलफनामा खारिज

23 जुलाई को अपने आदेश में हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि हालांकि सेना को बुलाना एक सामान्य प्रक्रिया नहीं है, लेकिन हाइड्रा, राजस्व और पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार अदालती आदेशों की अनदेखी किए जाने के कारण राज्य सरकार और उसकी संस्थाओं पर से अदालत का भरोसा उठ चुका है। हालांकि, राज्य के मुख्य कानून अधिकारी द्वारा यह आश्वासन दिए जाने के बाद कि कमिश्नर खुद और उनका स्टाफ विवादित जमीन में प्रवेश न करने का लिखित हलफनामा देंगे, कोर्ट ने इस सख्त आदेश के अमल पर अस्थायी रोक लगा दी थी।

READ ALSO  POCSO एक्ट का इरादा युवा वयस्कों की सहमति से प्रेम संबंधों को अपराध बनाना नहीं है: दिल्ली हाईकोर्ट

शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान हाइड्रा कमिश्नर की ओर से एक प्राथमिक जवाब दाखिल किया गया, जिसमें 40 एकड़ जमीन पर किसी भी तरह के हस्तक्षेप या प्रवेश के दावों को खारिज किया गया। साथ ही रंगनाथ की ओर से कहा गया कि यह जवाब कम समय में तैयार किया गया है और जल्द ही एक विस्तृत अतिरिक्त हलफनामा पेश किया जाएगा।

तीसरी बार बरती गई नरमी

हाईकोर्ट ने कमिश्नर की इस दलील पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब एजेंसी का अवमाननापूर्ण आचरण साफ नजर आ रहा है, तो किसी विस्तृत अतिरिक्त हलफनामे की आवश्यकता समझ से परे है। पीठ ने कहा कि मुख्य सरकारी कानून अधिकारी के आश्वासनों के चलते ही अदालत तीसरी बार संयम बरत रही है और अधिकारी को हिरासत में भेजने से परहेज कर रही है। इसके साथ ही मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई तय कर दी गई।

क्या है हाइड्रा की भूमिका

READ ALSO  विदेशों में दिया जा रहा दान, लेकिन अपनों का नही ध्यान: दिल्ली हाई कोर्ट

तेलंगाना सरकार ने जुलाई 2024 में सरकारी संपत्तियों, झीलों और जल निकायों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने और उनकी सुरक्षा के उद्देश्य से हाइड्रा (HYDRAA) का गठन किया था। अपनी स्थापना के बाद से ही यह एजेंसी कई बड़े अतिक्रमण रोधी अभियानों और अवैध ढांचों के ध्वस्तीकरण को अंजाम दे चुकी है।

Ad 20- WhatsApp Banner
READ ALSO  "निजी लाभ के लिए जनहित याचिका का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा": मद्रास हाईकोर्ट ने ₹50,000 का जुर्माना लगाया

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles