असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की अंतिम सूची से बाहर रखे गए लोगों के लिए अपील प्रक्रिया तुरंत शुरू करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, असम सरकार और राज्य NRC समन्वयक कार्यालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने असम स्टेट जमीयत उलेमा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने इस नई याचिका को पहले से लंबित इसी तरह के एक मामले के साथ टैग कर दिया है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि सूची में जगह न पाने वाले लोग प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू न होने के कारण परेशानियों का सामना कर रहे हैं, जबकि कानून में अपील का स्पष्ट प्रावधान मौजूद है।
राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करने की मांग
याचिका में बाहर किए गए आवेदकों के लिए अपील तंत्र सक्रिय करने के साथ-साथ NRC सूची में शामिल सभी लोगों को राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। याचिका के अनुसार, नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 14A और 2003 के नियमों के नियम 13 के तहत ये पहचान पत्र प्रदान किए जाने चाहिए।
19 लाख से अधिक लोग सूची से बाहर
असम में भारतीय नागरिकों के सत्यापन के उद्देश्य से 31 अगस्त 2019 को NRC की अंतिम सूची जारी की गई थी।
राज्य NRC समन्वयक कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, कुल 3,30,27,661 आवेदकों में से 3,11,21,004 लोगों को सूची में शामिल किया गया था, जबकि 19,06,657 लोगों के दावे खारिज कर दिए गए थे।

