ममता बनर्जी गुट की शहीद दिवस रैली को मंजूरी देने की मांग, कलकत्ता हाईकोर्ट 15 जुलाई को करेगा सुनवाई

कोलकाता के एस्प्लेनेड इलाके में शहीद दिवस रैली आयोजित करने की अनुमति देने की मांग को लेकर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) गुट की याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट 15 जुलाई को सुनवाई करेगा। सोमवार को मामले की जल्द सुनवाई के अनुरोध के बाद अदालत ने यह तारीख तय की।

टीएमसी गुट के वकील ने सोमवार को जस्टिस सौगत भट्टाचार्य के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया और जल्द सुनवाई का आग्रह किया था। यह याचिका 10 जुलाई को दायर की गई थी, जिसमें पुलिस को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वे 21 जुलाई को मध्य कोलकाता के व्यस्त एस्प्लेनेड इलाके में विक्टोरिया हाउस के सामने पार्टी की वार्षिक शहीद दिवस रैली आयोजित करने की अनुमति दें।

पुलिस के निषेधाज्ञा आदेश को कानूनी चुनौती

याचिका में कोलकाता पुलिस द्वारा एस्प्लेनेड क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत लागू किए गए निषेधाज्ञा आदेश को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने एस्प्लेनेड में विक्टोरिया हाउस के सामने अपने पारंपरिक स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए पुलिस को आवेदन दिया था, लेकिन पुलिस ने अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया है और आवेदन लंबित रखा हुआ है। तृणमूल कांग्रेस हर साल इसी स्थान पर अपनी शहीद दिवस रैली आयोजित करती रही है।

पार्टी के भीतर मतभेद और रैली का दोहरा दावा

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यह कानूनी विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब तृणमूल कांग्रेस के भीतर आंतरिक विभाजन गहरा गया है। पार्टी से अलग हुए एक बागी गुट ने भी 21 जुलाई को उसी स्थान (एस्प्लेनेड) पर शहीद दिवस रैली आयोजित करने का ऐलान किया है। इस बागी गुट का नेतृत्व पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और विधायक रिताब्रत बनर्जी कर रहे हैं। इस विरोधी गुट का गठन 4 मई को घोषित पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद हुआ था।

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