थाणे ट्रिब्यूनल का फैसला: सड़क हादसे में जान गंवाने वाले कार चालक के परिजनों को मिलेगा 31.43 लाख रुपये का मुआवजा

महाराष्ट्र के थाणे में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) ने साल 2020 में हुए एक सड़क हादसे में अपनी जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को 31.43 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। ट्रिब्यूनल ने टेम्पो मालिक और बीमा कंपनी को संयुक्त रूप से यह राशि चुकाने के लिए कहा है। हालांकि, न्यायाधिकरण ने यह भी माना कि दुर्घटना के वक्त मृतक कार चालक आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी नहीं बनाकर चल रहा था। इस आंशिक लापरवाही (कंट्रीब्यूटरी नेग्लिजेंस) के कारण कुल तय मुआवजे में से 15 प्रतिशत की कटौती की गई है।

मंगलवार को जारी किए गए अपने आदेश में ट्रिब्यूनल के सदस्य आर वी मोहिते ने आदेश दिया कि विपक्षी दल (टेम्पो मालिक और बीमा प्रदाता) संयुक्त रूप से याचिका दायर करने की तारीख से लेकर भुगतान किए जाने तक 9 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज के साथ मुआवजे का भुगतान करेंगे।

लापरवाही का आकलन और मुआवजे का गणित

इस मामले की कानूनी सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने दलील दी थी कि दुर्घटना के लिए पूरी तरह से मृतक राजाराम नारायण म्हात्रे ही जिम्मेदार थे, क्योंकि उनकी तेज रफ्तार कार ने पीछे से टेम्पो को टक्कर मारी थी।

हालांकि, ट्रिब्यूनल के सदस्य आर वी मोहिते ने इस तर्क को खारिज करते हुए फैसला सुनाया कि हादसे की जिम्मेदारी दोनों ही चालकों पर थी। न्यायाधिकरण ने अचानक ब्रेक लगाने के लिए टेम्पो चालक को 85 प्रतिशत जिम्मेदार ठहराया। वहीं, कार और टेम्पो के बीच सुरक्षित दूरी न रखने के कारण म्हात्रे को 15 प्रतिशत का जिम्मेदार माना गया।

इस आधार पर ट्रिब्यूनल ने पहले म्हात्रे के परिवार के लिए कुल सकल मुआवजा 36.98 लाख रुपये तय किया था। लेकिन म्हात्रे की 15 फीसदी की लापरवाही को ध्यान में रखते हुए इस राशि में से कटौती की गई, जिसके बाद अंतिम भुगतान राशि 31.43 लाख रुपये निर्धारित की गई।

कैसे हुआ था हादसा

READ ALSO  सुप्रीम कोर्ट ने सेना की लीगल ब्रांच में महिलाओं की कम भागीदारी पर सवाल उठाए: 'जब महिलाएं राफेल उड़ा सकती हैं, तो JAG में क्यों नहीं?'

यह दुर्घटना 25 दिसंबर 2020 को पुणे-नाशिक मार्ग पर हुई थी। राजाराम नारायण म्हात्रे अपनी टोयोटा इनोवा कार से एक आइशर टेम्पो के पीछे चल रहे थे। इसी दौरान आगे चल रहे टेम्पो चालक ने बिना कोई इशारा या संकेत दिए अचानक से ब्रेक लगा दिए। रफ्तार में होने के कारण म्हात्रे अपनी कार को समय पर नहीं रोक सके और कार सीधे टेम्पो के पिछले हिस्से से टकरा गई। इस भीषण हादसे में म्हात्रे की मौत हो गई थी।

READ ALSO  दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन के खिलाफ ओवरलैपिंग एफआईआर को खारिज किया
Ad 20- WhatsApp Banner

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles