बॉम्बे हाईकोर्ट ने साल 2022 में मुंबई हवाई अड्डे पर कोकीन तस्करी के आरोप में गिरफ्तार की गई एक केन्याई महिला को जमानत दे दी है। कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि तलाशी के दौरान अनिवार्य कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। इसके साथ ही, मुकदमे की शुरुआत के बिना आरोपी की लंबी हिरासत को भी जमानत का ठोस आधार माना गया।
जस्टिस श्याम सी. चांडक ने 1 जुलाई को इस मामले में अपना फैसला सुनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) कानून के तहत तलाशी के नियमों का उल्लंघन और बिना मुकदमे के आरोपी का लंबे समय तक जेल में बंद रहना, उसे जमानत देने के लिए पर्याप्त आधार हैं।
आरोपी महिला मवांजे फरीदा की ओर से पैरवी कर रहे वकील खुशाल पवार ने अदालत में दलील दी कि उनकी मुवक्किल पिछले करीब चार साल से हिरासत में है और अब तक इस मामले में एक भी गवाह का बयान दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने आपत्ति जताई कि फरीदा की शारीरिक तलाशी किसी स्वतंत्र राजपत्रित अधिकारी (गजेटेड ऑफिसर) के बजाय सीमा शुल्क विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) की छापेमारी टीम के ही एक सदस्य ने ली थी। हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करते हुए माना कि यह तलाशी एनडीपीएस अधिनियम की धारा 50 के तहत अनिवार्य कानूनी शर्तों का खुला उल्लंघन थी।
यह मामला 2 अक्टूबर 2022 का है, जब फरीदा को मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संदिग्ध गतिविधि के आधार पर रोका गया था। सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों का दावा था कि तलाशी के दौरान महिला के कपड़ों में छिपाकर रखे गए प्लास्टिक के पैकेट बरामद हुए, जिनमें 980 ग्राम कोकीन थी। एनडीपीएस कानून के तहत इसे व्यावसायिक मात्रा (कमर्शियल क्वांटिटी) माना जाता है। इस जब्ती के बाद महिला के खिलाफ मादक पदार्थ रोधी कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
जमानत के लिए सख्त शर्तें लागू
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फरीदा को राहत देते हुए उनकी रिहाई के लिए कुछ कड़ी शर्तें भी तय की हैं। आदेश के अनुसार, उन्हें 2 लाख रुपये का निजी मुचलका भरना होगा और अदालती कार्यवाही में नियमित रूप से उपस्थित रहना होगा। इसके अलावा, उन्हें अपना पासपोर्ट सीमा शुल्क विभाग के पास जमा कराना होगा।

