टेरर फंडिंग केस: बारामूला के सांसद इंजीनियर रशीद को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत, पिता की रस्मों के लिए फिर मिली अंतरिम जमानत

दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को बारामूला से सांसद शेख अब्दुल रशीद (जो इंजीनियर रशीद के नाम से लोकप्रिय हैं) को एक बार फिर अंतरिम जमानत दे दी है। अदालत ने उन्हें अपने दिवंगत पिता के निधन के बाद होने वाले 40वें दिन के पारंपरिक रीति-रिवाजों में शामिल होने की अनुमति दी है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, वह 25 जून से 30 जून तक जेल से बाहर रहेंगे।

हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि उन्हें अपनी मौजूदा अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने पर 2 जून को जेल वापस लौटना होगा और आत्मसमर्पण (सरेंडर) करना होगा। इसके बाद ही उन्हें जून के अंतिम सप्ताह में दोबारा रिहा किया जाएगा।

दो हिस्सों में बंटा रिहाई का कार्यक्रम

जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की पीठ ने यह फैसला इंजीनियर रशीद के वरिष्ठ वकील की उस याचिका पर सुनाया, जिसमें उन्होंने मौजूदा जमानत की अवधि बढ़ाने की मांग की थी। वकील ने दलील दी कि श्रीनगर में उनके दिवंगत पिता के दफन के 40वें दिन की रस्मों में सांसद की मौजूदगी बेहद जरूरी है।

अदालत ने मौजूदा जमानत की अवधि को सीधे बढ़ाने से इनकार कर दिया, लेकिन मानवीय आधार पर एक नया कार्यक्रम तय किया।

पीठ ने अपने आदेश में कहा, “18 मई को दी गई अंतरिम जमानत की अवधि 2 जून को समाप्त होने के बाद अपीलकर्ता को सरेंडर करना होगा। हालांकि, पिता के निधन के 40वें दिन की रस्मों और पूजा में शामिल होने के लिए उन्हें दोबारा 25 जून से 30 जून तक अंतरिम जमानत दी जाती है।”

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कड़ी सुरक्षा और पाबंदियों के साए में रहेगी रिहाई

हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि जून के अंत में मिलने वाली इस राहत के दौरान भी सुरक्षा के वही सख्त नियम लागू रहेंगे जो वर्तमान जमानत अवधि में हैं।

सुरक्षा की प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं:

  • सादे कपड़ों में पुलिस का पहरा: पूरी यात्रा और रहने के दौरान कम से कम दो सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मी हमेशा उनके साथ रहेंगे।
  • तिहाड़ से श्रीनगर तक निगरानी: दिल्ली की तिहाड़ जेल से बाहर निकलने से लेकर वापसी तक सुरक्षा दल उनके साथ साए की तरह रहेगा।
  • सीमित आवाजाही: श्रीनगर में रहते हुए रशीद केवल अपने पारिवारिक आवास, स्थानीय कब्रिस्तान या धार्मिक स्थलों पर ही जा सकेंगे। इसके अलावा उन्हें कहीं भी आने-जाने की अनुमति नहीं होगी।
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पिछले एक महीने में मिली अंतरिम राहत का घटनाक्रम

यह फैसला इंजीनियर रशीद को पिछले कुछ हफ्तों के दौरान मानवीय आधार पर मिली अंतरिम राहत की कड़ी में अगला कदम है:

  • 28 अप्रैल: कोर्ट ने श्रीनगर में बीमार पिता से मिलने के लिए रशीद को एक सप्ताह की अंतरिम जमानत दी थी। पिता को गंभीर हालत में दिल्ली के एम्स (AIIMS) में भर्ती कराने के बाद इसे 10 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया था।
  • 18 मई: पिता के निधन के बाद, कोर्ट ने रशीद को अंतिम संस्कार और शुरुआती रस्मों में शामिल होने के लिए 2 जून तक अंतरिम जमानत दी।
  • 25 जून – 30 जून: दिवंगत पिता के 40वें दिन की अंतिम रस्मों में भाग लेने के लिए कोर्ट ने इस नई अवधि को मंजूरी दी है।
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क्या है पूरा मामला?

इंजीनियर रशीद साल 2019 से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 2017 के एक टेरर-फंडिंग मामले में गिरफ्तार किया था। उन पर जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों और आतंकी संगठनों को फंडिंग करने के आरोप हैं।

अक्टूबर 2019 में चार्जशीट दाखिल होने के बाद, मार्च 2022 में विशेष एनआईए अदालत ने रशीद और अन्य सह-आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120B (आपराधिक साजिश), 121 (सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना), 124A (राजद्रोह) और सख्त गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत आरोप तय किए थे। वर्तमान में वह इसी मामले में मुकदमे का सामना कर रहे हैं।

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