देश के सबसे पुराने हाईकोर्ट में से एक, कलकत्ता हाईकोर्ट में न्यायिक शक्ति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने नौ अधिवक्ताओं को न्यायाधीश के रूप में प्रोन्नत करने के प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे दी है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 11 और 12 मई, 2026 को आयोजित बैठकों में यह निर्णय लिया गया। भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने इन वकीलों की पेशेवर योग्यता, सत्यनिष्ठा और कानूनी विशेषज्ञता का मूल्यांकन करने के बाद उनके नामों पर मुहर लगाई है।
प्रस्तावित न्यायाधीशों की सूची
सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, नियुक्ति के लिए निम्नलिखित अधिवक्ताओं के नामों की सिफारिश की गई है:
- श्री इंद्रनील रॉय
- श्री आर्यक दत्त
- श्री अतरूप बनर्जी
- श्री संदीप कुमार दे
- श्री पार्थ प्रतिम रॉय
- श्री सुदीप देब
- श्री अनुज सिंह
- श्री अर्जुन रे मुखर्जी
- श्री रिशाद मेदोरा
कॉलेजियम की इस सिफारिश को अब केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय को भेजा जाएगा। स्थापित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत, इन नामों को औपचारिक नियुक्ति के लिए भारत के राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति वारंट जारी होने और आधिकारिक राजपत्र (Gazette) में अधिसूचना प्रकाशित होने के बाद, ये सभी अधिवक्ता कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि कलकत्ता हाईकोर्ट में लंबित मामलों के भारी बोझ को देखते हुए यह नियुक्तियां अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। नौ अनुभवी वकीलों के बेंच में शामिल होने से न्यायिक कार्यों में तेजी आने और रिक्त पदों की संख्या कम होने की उम्मीद है।

