‘वो गाना मेरा नहीं है’: दिल्ली हाई कोर्ट में यो यो हनी सिंह ने ‘Vol. 1’ विवाद से झाड़ा पल्ला, कहा- ‘कलंक मिटाना चाहता हूँ’

मशहूर रैपर यो यो हनी सिंह ने गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट में एक बड़ा बयान देते हुए खुद को विवादित गाने ‘वॉल्यूम 1’ (Vol. 1) से पूरी तरह अलग कर लिया है। सिंह ने अदालत को बताया कि उन्होंने साल 2006 के इस चर्चित और विवादित ट्रैक को नहीं गाया है। गायक ने कहा कि इस गाने की वजह से उनके नाम के साथ जो ‘कलंक’ जुड़ा है, वह उसे अब साफ करना चाहते हैं।

जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ‘हिंदू शक्ति दल’ द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में गाने के “अश्लील” और “अपमानजनक” बोलों का हवाला देते हुए इसे यूट्यूब और स्पॉटिफाई जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने की मांग की गई है।

सुनवाई के दौरान हनी सिंह के वकील ने अदालत में स्पष्ट किया कि गायक खुद चाहते हैं कि यह सामग्री इंटरनेट से हट जाए। वकील ने सिंह की ओर से कहा, “मेरे पास यह एक अवसर है कि मैं इस कलंक को खुद से दूर कर सकूँ क्योंकि यह गाना मेरा नहीं है। मैंने सार्वजनिक तौर पर भी यह स्वीकार किया है कि मैंने इसे नहीं गाया है।”

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बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि यह गायक का कोई नया रुख नहीं है। नागपुर की एक अदालत में भी इसी तरह की कार्यवाही लंबित है, जहाँ हनी सिंह ने पहले ही यही स्टैंड लिया हुआ है।

अदालत में याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि हनी सिंह ने 1 मार्च, 2025 को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ‘वॉल्यूम 1’ की कुछ पंक्तियाँ गाई थीं।

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हनी सिंह की कानूनी टीम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। वकील ने दलील दी, “ऐसा कोई कार्यक्रम हुआ ही नहीं। अगर 50,000 से ज्यादा लोगों के सामने स्टेडियम में ऐसा कुछ हुआ होता, तो क्या उसकी एक भी वीडियो क्लिप मौजूद नहीं होती?” उन्होंने डिजिटल सबूतों की कमी को आधार बनाते हुए इन दावों को गलत बताया।

दिल्ली हाई कोर्ट ने इससे पहले 2 अप्रैल को इस गाने के बोलों पर “कड़ी आपत्ति” जताई थी। अदालत का मानना था कि यह गाना नागरिकता के न्यूनतम मानकों का भी उल्लंघन करता है। आरोप है कि यह गाना 2006 में ‘माफिया मुंडेर’ नाम के कोलैबोरेशन के तहत रिलीज किया गया था, जिसमें हनी सिंह और रैपर बादशाह शामिल थे।

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याचिकाकर्ता का तर्क है कि दोनों कलाकार सेलिब्रिटी हैं और उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है, इसलिए उन्हें इस गाने के प्रभाव की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जस्टिस कौरव ने हनी सिंह को एक औपचारिक हलफनामा (Affidavit) दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें उन्हें अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा। साथ ही, याचिकाकर्ता को निर्देश दिया गया है कि वे मामले में नामजद दूसरे रैपर बादशाह को नोटिस तामील करने का हलफनामा पेश करें।

अदालत अब इस मामले पर 19 मई को अगली सुनवाई करेगी, जहाँ डिजिटल प्लेटफॉर्म से गाने को स्थायी रूप से हटाने की मांग पर विचार किया जाएगा।

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