दिल्ली हाईकोर्ट ने एक किराएदार द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका (Revision Petition) को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि एक मकान मालकिन द्वारा अपने बेरोजगार पति और बड़े बेटे को ड्राई फ्रूट्स के व्यवसाय में स्थापित करने के लिए दुकान की आवश्यकता ‘बोनाफाइड’ (वास्तविक आवश्यकता) की श्रेणी में आती है। जस्टिस अमित शर्मा
