साल 2026 में नहीं होगी ‘एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड’ परीक्षा; सुप्रीम कोर्ट ने एओआर की पर्याप्त संख्या को बताया कारण

सुप्रीम कोर्ट ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर यह जानकारी दी है कि वर्ष 2026 में एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (AOR) परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड परीक्षा सेल द्वारा जारी इस नोटिस में कहा गया है कि वर्तमान में शीर्ष अदालत में प्रैक्टिस कर रहे एओआर की “कुल संख्या” को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) के आदेश पर 30 अप्रैल, 2026 को जारी इस अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि हालांकि 2026 का सत्र रद्द कर दिया गया है, लेकिन अगले वर्ष परीक्षा आयोजित होने की संभावना है।

आधिकारिक अधिसूचना का विवरण

परीक्षा बोर्ड के रजिस्ट्रार (जे) और सचिव द्वारा हस्ताक्षरित इस नोटिस में कहा गया है:

“सक्षम प्राधिकारी ने आदेश दिया है कि एओआर (AORs) की कुल संख्या को देखते हुए, वर्ष 2026 में एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। वर्ष 2027 में होने वाली अगली परीक्षा का कार्यक्रम और तारीखें उचित समय पर अधिसूचित की जाएंगी।”

अधिवक्ताओं पर प्रभाव

सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने के इच्छुक वकीलों के लिए एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड परीक्षा एक अनिवार्य और कठिन योग्यता परीक्षा है। सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अनुसार, केवल एक ‘एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड’ को ही अदालत के समक्ष कोई वकालतनामा, याचिका या अन्य दस्तावेज दाखिल करने का अधिकार होता है। इस परीक्षा में बैठने के लिए अधिवक्ताओं को हाईकोर्ट या अन्य अदालतों में प्रैक्टिस का लंबा अनुभव होना अनिवार्य है।

एक साल के लिए परीक्षा टालने के इस फैसले से उन सैकड़ों अधिवक्ताओं पर असर पड़ेगा जो प्रैक्टिस एंड प्रोसीजर, ड्राफ्टिंग, एडवोकेसी एंड प्रोफेशनल एथिक्स और लीडिंग केसेज जैसे चार कठिन पेपरों की तैयारी कर रहे थे।

अदालत ने संकेत दिया है कि अगला परीक्षा चक्र 2027 में होने की संभावना है। 2027 की परीक्षा के लिए विस्तृत समय सारिणी सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री द्वारा बाद में जारी की जाएगी। 

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