केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसके तहत तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सीमा से सटे 5 किलोमीटर के दायरे में ‘ड्राय डे’ घोषित किया गया था। पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होना है, जिसे देखते हुए केरल सरकार ने शराब की बिक्री पर पाबंदी लगाने का निर्देश दिया था।
जस्टिस एस. मनु की वेकेशन बेंच ने इस सरकारी आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाए।
यह कानूनी विवाद पलक्कड़ के कुछ होटल मालिकों द्वारा दायर याचिका के बाद शुरू हुआ। याचिकाकर्ताओं ने सरकार के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें 21 अप्रैल से 23 अप्रैल की आधी रात तक उनके प्रतिष्ठानों में शराब की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी।
होटल मालिकों का तर्क था कि 5 किलोमीटर के दायरे में इस तरह का पूर्ण प्रतिबंध लगाना सरकार की शक्तियों का दुरुपयोग है। उन्होंने कहा कि केरल में स्थित उनके व्यवसाय तमिलनाडु के चुनावी क्षेत्रों से दूर हैं, ऐसे में इस पाबंदी से उन्हें अनावश्यक वित्तीय नुकसान हो रहा है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने ‘लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम’ (Representation of the People Act) के प्रावधानों पर गौर किया। बेंच ने स्पष्ट किया कि हालांकि कानून चुनाव के दौरान शराब की बिक्री पर रोक लगाने की अनुमति देता है, लेकिन ऐसी पाबंदियां केवल “मतदान क्षेत्रों” (polling areas) तक ही सीमित होनी चाहिए।
कोर्ट ने पाया कि राज्य सरकार का यह आदेश उन क्षेत्रों तक फैला दिया गया था जो किसी भी चुनावी क्षेत्र के करीब नहीं थे। मामले से जुड़े एक वकील के अनुसार, हाईकोर्ट ने यह माना कि राज्य सरकार के पास मौजूदा परिस्थितियों में इस तरह का व्यापक निर्देश जारी करने की शक्ति नहीं है।
यद्यपि हाईकोर्ट की वेबसाइट पर विस्तृत आदेश अभी अपलोड नहीं किया गया है, लेकिन इस अंतरिम रोक के बाद प्रभावित होटलों और प्रतिष्ठानों को अपना सामान्य कामकाज फिर से शुरू करने की अनुमति मिल गई है।

