सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि भले ही राज्य विद्युत नियामक आयोगों (SERCs) के पास बिजली की दरें (टैरिफ) निर्धारित करने की पूर्ण शक्ति है, लेकिन वे नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा दी जाने वाली ‘जनरेशन बेस्ड इंसेंटिव’ (GBI) को आधार बनाकर टैरिफ कम नहीं कर सकते। कोर्ट
