सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा कर दिया, क्योंकि केंद्र सरकार ने बताया कि उनकी हिरासत 14 मार्च को ही समाप्त कर दी गई थी।
न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने वांगचुक की पत्नी गीताांजलि जे अंगमो द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अब इस मामले में आगे कुछ भी शेष नहीं रह गया है।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि क्या वांगचुक की सेहत को देखते हुए उनकी हिरासत पर दोबारा विचार किया जा सकता है। इसके जवाब में केंद्र ने अदालत को सूचित किया कि 14 मार्च को तत्काल प्रभाव से उनकी NSA के तहत हिरासत रद्द कर दी गई है।
सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद की गई थी। ये प्रदर्शन लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हुए थे।
इन प्रदर्शनों के दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 45 से अधिक लोग घायल हुए थे, जिनमें 22 पुलिसकर्मी भी शामिल थे।
केंद्र सरकार द्वारा हिरासत आदेश वापस लिए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने माना कि अब याचिका पर कोई निर्णय देना आवश्यक नहीं है और मामले का निपटारा कर दिया।

