दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एनडीटीवी के संस्थापक प्रणय रॉय और राधिका रॉय को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ जारी लुक-आउट सर्कुलर (LOC) को रद्द कर दिया। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच में पूरा सहयोग करना होगा।
न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने आदेश सुनाते हुए कहा कि “चुनौती दिए गए लुक-आउट सर्कुलर को इस शर्त पर रद्द किया जाता है कि याचिकाकर्ता जांच में सहयोग करेंगे।”
दरअसल, रॉय दंपति ने वर्ष 2021 में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने सीबीआई की ओर से दर्ज दो एफआईआर के आधार पर जारी किए गए लुक-आउट सर्कुलर को चुनौती दी थी। ये एफआईआर वर्ष 2017 और 2019 में दर्ज की गई थीं।
साल 2017 की एफआईआर क्वांटम सिक्योरिटीज लिमिटेड के संजय दत्त की शिकायत पर दर्ज की गई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि आईसीआईसीआई बैंक द्वारा आरआरपीआर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड को दिए गए ऋण के भुगतान में अनियमितताएं हुईं, जिससे बैंक को करीब 48 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि, इस मामले में सीबीआई ने वर्ष 2024 में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी।
दूसरी एफआईआर वर्ष 2019 में दर्ज की गई थी, जिसमें एनडीटीवी के संस्थापकों पर विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए थे।
हाई कोर्ट ने लुक-आउट सर्कुलर रद्द करते हुए यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं को जांच प्रक्रिया में सहयोग जारी रखना होगा। मामले में विस्तृत आदेश अभी जारी होना बाकी है।

