2015 सड़क हादसा: ठाणे मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने मृत व्यवसायी के परिवार को ₹24.49 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया

महाराष्ट्र के ठाणे स्थित मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) ने वर्ष 2015 में सड़क हादसे में मारे गए एक व्यवसायी के परिवार को ₹24.49 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया है। अधिकरण ने माना कि दुर्घटना कार चालक की लापरवाह और तेज गति से वाहन चलाने के कारण हुई थी।

अधिकरण के सदस्य आर. वी. मोहिटे ने 25 फरवरी को यह आदेश पारित किया, जिसकी प्रति बुधवार को उपलब्ध हुई।

मामला 21 जून 2015 का है, जब 47 वर्षीय रामाधर गिरिजा शर्मा की मुंबई के बाहरी क्षेत्र भायंदर (पूर्व) में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। रिकॉर्ड के अनुसार, उन्हें एक मारुति कार ने टक्कर मार दी थी।

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घटना के बाद पुलिस ने कार चालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और मोटर वाहन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।

सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अधिकरण ने निष्कर्ष निकाला कि दुर्घटना कार चालक की “लापरवाह और एकमात्र दोषपूर्ण ड्राइविंग” के कारण हुई। इसी आधार पर मृतक के परिजनों को मुआवजा देने का आदेश दिया गया।

मुआवजे की गणना करते समय अधिकरण ने शर्मा की आयकर रिटर्न का सहारा लिया। रिकॉर्ड से पता चला कि वह आयुर्वेदिक दवाओं के व्यापार से जुड़े थे और उनकी वार्षिक आय लगभग ₹2.18 लाख थी।

अधिकरण ने मल्टीप्लायर विधि लागू करते हुए और भविष्य की संभावनाओं के लिए 25 प्रतिशत अतिरिक्त आय जोड़कर कुल मुआवजा ₹24.49 लाख निर्धारित किया।

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अधिकरण ने आदेश दिया कि यह पूरी राशि दुर्घटना में शामिल कार के चालक और मालिक द्वारा संयुक्त रूप से अदा की जाएगी।

साथ ही, यह भी निर्देश दिया गया कि मुआवजे की रकम पर दावा याचिका दायर होने की तिथि से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा और भुगतान एक महीने के भीतर किया जाना चाहिए।

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