न्यायपालिका में रिक्त पदों को भरने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पटना हाईकोर्ट (High Court of Judicature at Patna) में जज के रूप में नौ अधिवक्ताओं की नियुक्ति के प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे दी है।
यह निर्णय 26 फरवरी, 2026 को आयोजित कॉलेजियम की बैठक में लिया गया।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, कॉलेजियम ने निम्नलिखित नौ अधिवक्ताओं को बेंच में पदोन्नत करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी है:
- श्री मो. नदीम सेराज
- श्री रंजन कुमार झा
- श्री कुमार मनीष
- श्री संजीव कुमार
- श्री गिरीजीश कुमार
- श्री आलोक कुमार
- श्री राज कुमार
- श्री राणा विक्रम सिंह
- श्री विकास कुमार
हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति की संवैधानिक प्रक्रिया के तहत, सबसे पहले संबंधित हाईकोर्ट कॉलेजियम द्वारा नामों का प्रस्ताव दिया जाता है। इसके बाद, राज्य सरकार और केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय के माध्यम से प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन नामों को अंतिम विचार और अनुमोदन के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को भेजा जाता है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की इस सिफारिश के बाद, अब केंद्र सरकार इन नामों को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजेगी। राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति वारंट जारी होने और कानून मंत्रालय द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के बाद, ये सभी अधिवक्ता जज के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे।
पटना हाईकोर्ट में इन नई नियुक्तियों से कोर्ट की न्यायिक क्षमता में वृद्धि होगी और लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है।

