ईस्ट कोलकाता वेटलैंड्स में अवैध निर्माण: कलकत्ता हाईकोर्ट ने तोड़फोड़ के लिए अर्धसैनिक बल लगाने पर जताई विचार

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि ईस्ट कोलकाता वेटलैंड्स में 500 से अधिक अवैध निर्माण हटाने के अपने पूर्व निर्देशों के बावजूद राज्य प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है और यदि आवश्यक हुआ तो अदालत अर्धसैनिक बल की तैनाती पर विचार करेगी।

न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने रिपोर्टों के ढेर लगने के बावजूद ज़मीनी स्तर पर कार्रवाई न होने पर कड़ी नाराज़गी जताई और कहा कि अब केवल रिपोर्ट नहीं, वास्तविक काम होना चाहिए। अदालत ने याचिकाकर्ता को मामले में केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 16 मार्च को तय की।

अदालत ने कहा कि कोलकाता नगर निगम और दक्षिण 24 परगना ज़िले के अधिकार क्षेत्र में फैले वेटलैंड क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध भराई कर निर्माण किया गया है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी ध्वस्तीकरण नहीं हुआ।

अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल अवैध घोषित करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उन संरचनाओं को गिराना भी होगा। न्यायमूर्ति सिन्हा ने कहा कि अदालत को अब और रिपोर्ट नहीं चाहिए, बल्कि ज़मीनी स्तर पर कार्रवाई दिखनी चाहिए।

ईस्ट कोलकाता वेटलैंड्स मैनेजमेंट अथॉरिटी (EKWMA) की ओर से बताया गया कि उसके पास इतने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हटाने के लिए पर्याप्त ढांचा नहीं है। यह भी कहा गया कि जब अवैध निर्माणों की बिजली काटने की कोशिश की गई तो बड़े पैमाने पर विरोध हुआ, जिसके कारण कार्रवाई नहीं हो सकी।

READ ALSO  बॉम्बे हाईकोर्ट के जज ने बताई दिसंबर 2024 के फैसले को अपलोड करने में देरी की वजह, कहा- काम का बोझ अत्यधिक

अथॉरिटी ने अदालत को बताया कि दिसंबर 2025 में सीईएससी, कोलकाता नगर निगम और कासबा थाने के साथ संयुक्त निरीक्षण का अनुरोध किया गया था, लेकिन नगर निगम का कोई प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा।

इस पर अदालत ने कहा कि वेटलैंड क्षेत्र में किसी भी अवैध निर्माण को हर हाल में हटाना होगा और यदि राज्य प्रशासन ऐसा करने में असमर्थ है तो अर्धसैनिक बल की मदद ली जा सकती है।

READ ALSO  सुप्रीम कोर्ट का आदेश: पंजाब में महिला की कथित हत्या मामले की जांच के लिए SIT गठित करें DGP

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास भट्टाचार्य ने कहा कि वेटलैंड्स को भरकर लगातार अवैध निर्माण किए जा रहे हैं, जिससे नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को खतरा हो रहा है। उन्होंने अदालत से पूछा कि पूर्व आदेशों के अनुपालन में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।

ईस्ट कोलकाता वेटलैंड्स लगभग 12,500 हेक्टेयर में फैला क्षेत्र है और दुनिया की सबसे बड़ी सीवेज-आधारित मत्स्य प्रणालियों में से एक माना जाता है। इसके संरक्षण और प्रबंधन की वैधानिक जिम्मेदारी EKWMA पर है।

READ ALSO  जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने फर्जी भर्ती के लिए सीआरपीएफ कांस्टेबल की बर्खास्तगी की पुष्टि की, यह कहते हुए कि 'धोखाधड़ी सब कुछ खराब कर देती है'

अदालत ने दोहराया कि वेटलैंड्स की बहाली और अवैध निर्माणों का ध्वस्तीकरण अनिवार्य है और इस दिशा में वास्तविक कार्रवाई होनी चाहिए।

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles