दिल्ली मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने नवंबर 2023 में बस की टक्कर से मृत हुए 49 वर्षीय सुरक्षा गार्ड के परिजनों को ₹94.69 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है। अधिकरण ने पाया कि दुर्घटना बस चालक की तेज और लापरवाह ड्राइविंग के कारण हुई।
पीठासीन अधिकारी हरुन प्रताप ने 11 फरवरी को मृतक जितेंद्र के परिजनों द्वारा दायर दावा याचिका पर यह आदेश पारित किया।
दावा याचिका के अनुसार, 22 नवंबर 2023 को जितेंद्र बैंक कॉलोनी बस स्टैंड के पास बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान एक इलेक्ट्रिक बस तेज गति से आई और उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
अधिकरण ने माना कि दुर्घटना संबंधित वाहन के चालक की लापरवाह और तेज ड्राइविंग के कारण हुई। चालक और बस मालिक ने यह दलील दी थी कि मृतक अचानक रेड लाइट जंप करके वाहन के सामने आ गया था, लेकिन इस दावे के समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।
अधिकरण ने यह भी दर्ज किया कि याचिकाकर्ताओं का मृतक पर आश्रित होना पूरे कार्यवाही के दौरान न तो नकारा गया और न ही विवादित किया गया, इसलिए वे मुआवजे के हकदार हैं।
अधिकरण ने विभिन्न मदों के अंतर्गत मुआवजा निर्धारित करते हुए कहा:
“उपरोक्त मुद्दों पर दिए गए निष्कर्षों के मद्देनजर याचिकाकर्ताओं को ₹94,69,389 की राशि 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित, डीएआर (डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) दाखिल होने की तिथि से लेकर प्रतिवादी संख्या-3 (बीमा कंपनी) द्वारा जमा किए जाने तक प्रदान की जाती है।”
चूंकि दुर्घटना के समय बस बीमित थी, इसलिए अधिकरण ने बीमा कंपनी को मुआवजे की राशि जमा करने का निर्देश दिया।
अधिकरण ने माना कि जितेंद्र को हुई घातक चोटें बस चालक की लापरवाह ड्राइविंग का प्रत्यक्ष परिणाम थीं और बीमा कंपनी को मुआवजे का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी ठहराया।

