₹9 करोड़ के चेक बाउंस मामले में कॉमेडियन राजपाल यादव तिहाड़ जेल में बंद; दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई 16 फरवरी तक टाली

बॉलीवुड अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव ने 4 फरवरी को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया, जब दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें बकाया राशि चुकाने के लिए अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया। मामला करीब ₹9 करोड़ के चेक बाउंस से जुड़ा है, जो उनके 2012 की फिल्म अता पता लापता के वित्तीय विवाद से जुड़ा हुआ है।

गुरुवार को हुई सुनवाई में दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल की जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 16 फरवरी तक टाल दी और शिकायतकर्ता मुरली प्रोजेक्ट्स प्रा. लि. को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

राजपाल यादव ने साल 2010 में अता पता लापता के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स से ₹5 करोड़ का लोन लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही और उधारी चुकाने के लिए जारी किए गए चेक बाउंस हो गए। इसके बाद से यह कानूनी लड़ाई चल रही थी।

कोर्ट ने उन्हें कई बार किश्तों में भुगतान का अवसर दिया, लेकिन वे अपने वादे पूरे नहीं कर पाए। अंततः फरवरी 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी सजा को बरकरार रखते हुए उन्हें जेल की सजा सुनाई, जिसके बाद उन्होंने आत्मसमर्पण किया।

राजपाल यादव की गिरफ्तारी की खबर से बॉलीवुड में हलचल मच गई है। सलमान खान, अजय देवगन, वरुण धवन, मीका सिंह और सोनू सूद जैसे सितारे उनके समर्थन में सामने आए हैं। कुछ ने आर्थिक मदद की पेशकश की है तो कुछ ने उन्हें काम दिलाने की बात कही है।

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राजपाल की पत्नी राधा ने PTI से कहा:

“सब लोग उनके साथ खड़े हैं। इंडस्ट्री ने पूरा समर्थन दिया है, सभी का धन्यवाद जो मदद के लिए आगे आ रहे हैं।”

सूत्रों के मुताबिक कई फिल्मी हस्तियां सीधे तौर पर राजपाल की टीम और परिवार के संपर्क में हैं और उनकी जल्द रिहाई के लिए कानूनी विकल्प तलाश रही हैं।

अब सबकी निगाहें 16 फरवरी की अगली सुनवाई पर टिकी हैं। अगर कोर्ट को कोई व्यवहारिक समाधान या भुगतान की योजना दिखाई देती है, तो रिहाई संभव है। फिल्म इंडस्ट्री के मजबूत समर्थन से उम्मीद जताई जा रही है कि राजपाल यादव जल्द जेल से बाहर आ सकते हैं।

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