महाराष्ट्र के ठाणे ज़िले की मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) ने 2021 में एक सड़क हादसे में मारे गए व्यवसायी राकेश गुप्ता के परिजनों को ₹35.24 लाख का मुआवज़ा देने का आदेश दिया है। यह आदेश सोमवार को सदस्य आर.वी. मोहिते ने पारित किया, जिसमें वाहन मालिक और श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को संयुक्त रूप से मुआवज़ा देने का ज़िम्मेदार ठहराया गया है। ट्रिब्यूनल ने यह भी निर्देश दिया कि राशि पर 9% वार्षिक ब्याज भी दिया जाए, जो याचिका दाखिल होने की तारीख से लेकर भुगतान की तारीख तक लागू होगा।
यह दुर्घटना 19 मई, 2021 की रात को हुई थी, जब राकेश गुप्ता अपने स्कूटर से भायंदर स्थित घर लौट रहे थे। तभी एक तेज़ रफ़्तार बाइक ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। उपचार के दौरान 6 जून, 2021 को उनकी मृत्यु हो गई। नवघर पुलिस ने बाइक चालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया था।
श्रिराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने दावा याचिका का विरोध करते हुए कहा कि दुर्घटना राकेश गुप्ता की लापरवाही से हुई, क्योंकि वे ज़िगज़ैग तरीके से गाड़ी चला रहे थे और हेलमेट नहीं पहना था। लेकिन ट्रिब्यूनल ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। सदस्य ने कहा कि बीमा कंपनी ने इस दावे को साबित करने के लिए कोई गवाह पेश नहीं किया और न ही कोई सबूत उपलब्ध कराया।
दिवंगत राकेश गुप्ता की पत्नी, नाबालिग पुत्र और माता-पिता ने दावा किया था कि वह फर्नीचर के व्यवसाय से हर माह ₹35,000 कमाते थे। हालांकि, बिक्री या बैंक विवरण जैसे दस्तावेज़ों के अभाव में, ट्रिब्यूनल ने उनकी अनुमानित मासिक आय ₹18,000 तय की।
न्यायिक सिद्धांतों के अनुसार, ट्रिब्यूनल ने कुल ₹35.24 लाख मुआवज़ा निर्धारित किया और आदेश दिया कि यह राशि एक माह के भीतर जमा कराई जाए।

