कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498A के प्रावधान शून्य (Void) या शून्यकरणीय (Voidable) विवाह, या विवाह की प्रकृति वाले संबंधों (जैसे ‘लिव-इन’ रिलेशनशिप) में भी लागू होते हैं। जस्टिस सूरज गोविंदराज की पीठ ने एक कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) और उनके परिवार
