सुप्रीम कोर्ट ने 12 अक्टूबर को अदालत परिसर में एक गर्भवती महिला पत्रकार को कथित तौर पर धक्का देने के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य लोगों से जवाब मांगा है। इस संबंध में दाखिल आवेदन में राहुल गांधी और घटना में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने तथा पत्रकार को मुआवजा देने की मांग की गई है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान नोटिस जारी किया। वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने पहले से लंबित एक याचिका में दाखिल इस आवेदन का उल्लेख करते हुए अदालत से कार्रवाई की मांग की।
महिला पत्रकार को धक्का देकर गिराने का आरोप
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट परिसर में राहुल गांधी ने एक महिला पत्रकार को अचानक गेट की ओर धक्का दिया। धक्का इतना तेज था कि पत्रकार अपना संतुलन खो बैठी और गिर गई। गिरने के दौरान उसने हाथों के सहारे खुद को संभालने की कोशिश की।
आवेदन के मुताबिक, यह घटना सुरक्षाकर्मियों, पत्रकारों और अन्य लोगों की मौजूदगी में हुई। आरोप है कि महिला पत्रकार के विरोध जताने के बावजूद उसे धक्का दिया गया। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह भीड़ के कारण अनजाने में हुई धक्का-मुक्की नहीं थी।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने अदालत को बताया कि महिला पत्रकार के साथ सुप्रीम कोर्ट परिसर में बदसलूकी की गई थी।
तीन महीने की गर्भवती थी पत्रकार, अस्पताल में भर्ती कराने का दावा
गौरव भाटिया ने इससे पहले 16 अक्टूबर को भी मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष यह मामला उठाया था। उस समय उन्होंने दावा किया था कि घटना के दौरान महिला पत्रकार तीन महीने की गर्भवती थी और राहुल गांधी के कथित तौर पर धक्का देने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट से मामले का संज्ञान लेने का अनुरोध किया था।
अब लंबित याचिका में दाखिल आवेदन के जरिए राहुल गांधी और कथित घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश देने तथा पीड़ित पत्रकार को मुआवजा दिलाने की मांग की गई है।
12 अक्टूबर के मार्च को लेकर पहले भी जारी हो चुका है नोटिस
सुप्रीम कोर्ट इससे पहले 12 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं द्वारा निकाले गए मार्च के खिलाफ दाखिल याचिका पर भी नोटिस जारी कर चुका है। उस मामले में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस पार्टी और अन्य लोगों से जवाब मांगा गया था।
12 अक्टूबर को राहुल गांधी सहित कई प्रमुख विपक्षी नेता अपने समर्थकों के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। उनका उद्देश्य मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मुद्दे पर याचिका दाखिल करना था।
इस विवाद को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में कई विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने SIR प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
इसी मार्च के दौरान महिला पत्रकार के साथ कथित घटना को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।
