केरल सोना तस्करी मामला: ट्रायल स्थानांतरण याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों से मांगा जवाब

केरल सोना तस्करी मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर चार मुख्य आरोपियों को नोटिस जारी किया है। ED ने ट्रायल को केरल से कर्नाटक स्थानांतरित करने की मांग की है। न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ ने आरोपियों को छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है और मामले की अगली सुनवाई जुलाई में ग्रीष्मावकाश के बाद तय की गई है।

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ADditional Solicitor General एस वी राजू ने ED की ओर से पेश होते हुए तर्क दिया कि केरल में आरोपियों के उच्चस्तरीय सरकारी अधिकारियों से कथित संबंधों के चलते निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है, इसलिए ट्रायल को कर्नाटक स्थानांतरित किया जाना जरूरी है।

यह मामला 5 जुलाई 2020 को तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर राजनयिक सामान से 15 करोड़ रुपये मूल्य का सोना जब्त किए जाने से जुड़ा है। इसमें सरिथ पीएस, स्वप्ना प्रभा सुरेश, संदीप नायर और मुख्यमंत्री कार्यालय के पूर्व प्रमुख सचिव एम शिवशंकर जैसे नाम सामने आए थे।

यह मामला पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और कस्टम विभाग की जांच का विषय रहा है। 11 जुलाई 2020 को स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर को बेंगलुरु से गिरफ्तार किए जाने के बाद इस मामले में कई वाणिज्य दूतावास और राज्य सरकार से जुड़े अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई थी।

अब सुप्रीम कोर्ट न केवल ट्रायल स्थानांतरण की याचिका पर विचार कर रहा है, बल्कि यह भी तय करेगा कि क्या भारत में राजनयिक बैग की स्कैनिंग की जा सकती है या उन्हें राजनयिक छूट प्राप्त है — जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनयिक प्रोटोकॉल के क्रियान्वयन पर व्यापक असर पड़ सकता है।

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