भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि यदि कानूनी आवश्यकताओं का “पर्याप्त अनुपालन” हो तो चुनाव याचिका को उस सीमा पर खारिज नहीं किया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ द्वारा दिया गया यह फैसला किमनियो हाओकिप हंगशिंग बनाम केन रायखान एवं अन्य के मामले में आया, जिसने
