एक ऐतिहासिक फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं के धारा 125 आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के तहत भरण-पोषण मांगने के अधिकार को बरकरार रखा है, यह कहते हुए कि मुस्लिम महिला (तलाक के अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 1986 इसे रोकता नहीं है। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की दो-न्यायाधीश पीठ ने
